गुरुवार, 24 अप्रैल 2008

एक भावुक मुलाकात

फोटो- साभार बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम
एक बेटी पहली बार अपने पिता से मिली। और एक पत्नी एक अरसे बाद अपने पति से मिल सकी। ये मुलाकात किसी और की नहीं सरबजीत की उसके परिवार वालों के साथ पाकिस्तान के कोट लखपत जेल में हुई। 24 अप्रैल 2008 को सरबजीत का परिवार पंजाब प्रांत पंजाब गृह मंत्रायल के मुख्यालय पहुंचे। वहां सरबजीत के परिजनों ने गृह सचिव नदीम हसन आसिफ से मुलाकात के लिए याचिका दी। गृह मंत्रालय ने तुरंत सरबजीत से मुलाकात की अनुमति दे दी। सरबजीत सिंह की पत्नी सुखप्रीत कौर ने 18 साल बाद अपने पति से मुलाक़ात की। वहीं उन की दोनों बेटियों ने पहली बार अपने पिता को देखा। उस भावुक क्षण को शब्दों में बयां कर पाना असंभव है। मुलाकात के बाद सरबजीत की बहन दलबीर कौर, पत्नी सुखबीर कौर और दोनों बेटियां बाहर निकली तो वहां का नजारा काफी भावुक था। इससे पहले 23 अप्रैल बुधवार को सरबजीत का परिवार बाघा सीमा से पाकिस्तान पहुंचा।
पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत सिंह के परिवार को सात दिनों का वीज़ा दिया।

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